प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने वाले तीन बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।
पहला फैसला ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ से जुड़ा है। इस योजना के तहत सरकार आने वाले पांच वर्षों में 24,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मकसद किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधाएं और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उनकी आय को बढ़ाना है।
दूसरा फैसला ग्रीन एनर्जी सेक्टर से जुड़ा है। सरकार ने 27,000 करोड़ रुपये के हरित ऊर्जा प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी है, जिससे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय देश को ऊर्जा के स्वच्छ और टिकाऊ स्रोतों की ओर ले जाने में सहायक होगा।
तीसरा बड़ा फैसला राष्ट्रीय जैविक कृषि मिशन के विस्तार से जुड़ा है। इसके तहत किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण, संसाधन और बाज़ार तक पहुंच दी जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन तो बढ़ेगा ही, साथ ही पर्यावरण को भी लाभ होगा।
सरकार के ये फैसले किसानों की समृद्धि, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।




