भारत में 25 जुलाई की तारीख का राष्ट्रपति पद के इतिहास में खास महत्व है। 1977 से लेकर अब तक देश के 10 राष्ट्रपति इसी दिन पद और गोपनीयता की शपथ ले चुके हैं। इस परंपरा की शुरुआत हुई थी नीलम संजीव रेड्डी से, जिन्होंने 25 जुलाई 1977 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इसके बाद लगातार कई राष्ट्रपति—जैसे ज्ञानी जैल सिंह, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी, रामनाथ कोविंद और हाल ही में द्रौपदी मुर्मू ने भी 25 जुलाई को ही शपथ ग्रहण की।
यह सिलसिला ना केवल परंपरा बन गया है, बल्कि इसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी सुविधाजनक माना जाता है, क्योंकि निवर्तमान राष्ट्रपति का कार्यकाल भी लगभग इसी दिन समाप्त होता है। 25 जुलाई को राष्ट्रपति भवन एक नए युग का गवाह बनता है, जब देश को नया संवैधानिक प्रमुख मिलता है। इस दिन का विशेष महत्व भारतीय लोकतंत्र की निरंतरता और परंपरा को दर्शाता है।




