वाराणसी | 2 अगस्त 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक और बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कुल ₹2,200 करोड़ से अधिक की 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त भी जारी की।
मुख्य कार्यक्रम और घोषणाएं
श्रेणी विवरण
कुल परियोजनाएं 52
लागत ₹2,200 करोड़
किसानों को ट्रांसफर राशि ₹20,500 करोड़ (PM-KISAN)
लाभार्थी किसान 9.7 करोड़ से अधिक
सड़क और परिवहन अवसंरचना
नए फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण और पुलों का उद्घाटन
मोहांसराय-आदलपुरा मार्ग का सुधार
विकास कार्य: लहरतारा, बाबतपुर, गंगापुर, कोटवा, दलमंडी और अन्य क्षेत्रों में सड़कें विकसित
बिजली और वितरण व्यवस्था
₹880 करोड़ की विद्युत परियोजनाएं
स्मार्ट मीटर और अंडरग्राउंड वायरिंग सिस्टम
वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली बनाने का लक्ष्य
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संवर्धन
कालिका धाम, दुर्गाकुंड, कर्दमेश्वर महादेव मंदिर का पुनर्विकास
मुंशी प्रेमचंद जी का घर अब बनेगा संग्रहालय
8 घाटों का पुनरुद्धार, 4 फ्लोटिंग पूजन प्लेटफॉर्म की स्थापना
हरित क्षेत्र और स्वच्छता
21 पार्कों का सौंदर्यीकरण
मियावाकी फॉरेस्ट का विकास (कंचनपुर)
कुंडों की सफाई, जल संचयन का काम तेज़
पेयजल और ग्रामीण विकास
जल जीवन मिशन के तहत 47 ग्रामीण जल योजनाएं
हर घर जल के लक्ष्य की ओर एक और कदम
शिक्षा क्षेत्र में सुधार
53 स्कूल भवनों का नवीनीकरण
नये पुस्तकालयों और सरकारी हाई स्कूलों की आधारशिला
डिजिटल क्लासरूम और आधारभूत सुविधाओं पर फोकस
स्वास्थ्य सेवाएं और प्रौद्योगिकी
कैंसर अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक CT स्कैन
होम्योपैथिक कॉलेज व पशु देखभाल केंद्र की स्थापना
पीएम-किसान योजना का लाभ
20वीं किस्त: ₹2,000 प्रति किसान
कुल ट्रांसफर राशि: ₹20,500 करोड़
डिजिटल प्लेटफॉर्म से सीधे खातों में भुगतान
काशी विश्वनाथ मंदिर पर पीएम मोदी की टिप्पणी
“श्रावण में बाबा के दरबार में जाना चाहा, लेकिन भीड़ और भक्तों की सुविधा को देखते हुए मैंने मंदिर न जाकर भावनात्मक रूप से जुड़ने का रास्ता चुना।”
राजनीतिक संदेश
विपक्ष पर निशाना: “कुछ दल विकास को रोकने और जनता को गुमराह करने में लगे हैं”
“भाजपा सरकार योजनाओं को जमीन पर उतारने में विश्वास करती है, सिर्फ वादे करने में नहीं।”
निष्कर्ष:
पीएम मोदी की वाराणसी यात्रा केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं बल्कि एक विकास संकल्प का परिचायक थी। सड़क, बिजली, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसान—हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला। इससे पूर्वांचल की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।




