दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। सोमवार सुबह लोहे के पुल पर यमुना का स्तर 205.42 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ज्यादा है। कई घाट पानी से लबालब हो गए हैं और यमुना तट तक पानी बह रहा है।
यह स्थिति तब बनी जब हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 1 लाख 16 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके असर से आज दिल्ली में यमुना उफान पर दिखाई दी।
स्थिति का जायज़ा लेने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री परवेश वर्मा ख़ुद मैदान में उतरे। दोनों ने आसिता घाट, छठ घाट सहित कई घाट एवं नालों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने कहा –
अभी दिल्ली में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। घबराने की ज़रूरत नहीं है। ज़िला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है और यमुना किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का दावा है कि फिलहाल दिल्ली लो-लेवल फ्लड अलर्ट पर है और हालात काबू में हैं। हालांकि, पहाड़ों पर लगातार बारिश और दिल्ली में बुधवार को संभावित भारी बरसात ने चिंता ज़रूर बढ़ा दी है।
राजधानी की 6 महीने पुरानी रेखा गुप्ता सरकार के लिए यह स्थिति एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
रिपोर्ट:- निखिल रस्तोगी




