सम्भल हिंसा पर आयोग की 450 पन्नों की रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी, 78 साल में 30% घटी हिन्दू आबादी

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सम्भल हिंसा पर आयोग की 450 पन्नों की रिपोर्ट, सीएम योगी को सौंपी; 78 साल में 30% घटी हिंदू आबादी, दंगों का पूरा इतिहास उजागर

लखनऊ। सम्भल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा की जांच पर बनी 450 पन्नों की न्यायिक आयोग रिपोर्ट गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई। रिपोर्ट में न केवल 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा का पूरा विवरण है, बल्कि पिछले 78 सालों में संभल की जनसंख्या संरचना और दंगों के इतिहास का भी विस्तार से उल्लेख है।

78 साल में 30% घट गई हिंदू आबादी

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 1947 में सम्भल नगर पालिका क्षेत्र में हिंदुओं की आबादी 45% थी, जबकि अब यह घटकर सिर्फ 15–20% रह गई है। यानी 78 सालों में लगभग 30% हिंदू आबादी पलायन कर चुकी है।

विवाद की शुरुआत और कोर्ट का आदेश

हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि जामा मस्जिद पहले हरिहर मंदिर थी, जिसे 1529 में बाबर ने मस्जिद में बदलवा दिया था। इस दावे को लेकर 19 नवंबर, 2024 को सम्भल कोर्ट में याचिका दायर की गई। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मस्जिद के अंदर सर्वे का आदेश दिया और अधिवक्ता रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया।

हिंसा कैसे भड़की

19 नवंबर को शुरू हुआ सर्वे अधूरा रह गया था। इसके बाद 24 नवंबर को जब टीम दोबारा सर्वे के लिए मस्जिद पहुंची तो बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया और हालात बिगड़ने पर गोलीबारी हुई। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई।

गिरफ्तारियां और FIR

हिंसा के बाद पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 79 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। 2750 अज्ञात लोगों पर भी FIR की गई।

SIT की चार्जशीट

18 जून, 2025 को SIT ने 1128 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है।

आयोग ने किन मुद्दों पर दी है जानकारी

तीन सदस्यीय आयोग जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड IAS अमित मोहन और रिटायर्ड IPS अरविंद कुमार जैन ने रिपोर्ट में इस हिंसा को सुनियोजित साजिश करार दिया है। साथ ही, स्वतंत्रता के बाद से सम्भल में हुए 15 बड़े दंगों, जनहानि और प्रशासनिक कार्रवाई का भी विस्तार से ब्यौरा दिया गया है।

अब योगी सरकार पर निगाहें हैं कि वह इस रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या कदम उठाती है।

Reported by:- निखिल रस्तोगी

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