टोक्यो/नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय जापान दौरा एक बार फिर भारत की वैश्विक भूमिका और रणनीतिक साझेदारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने जा रहा है। इस दौरे के केंद्र में रहा — क्वाड समिट, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट चेंज सहयोग और तकनीकी साझेदारी।
1. क्वाड सम्मेलन में भारत की मजबूत भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में आयोजित क्वाड (QUAD) नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
मुख्य मुद्दे:
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समुद्री सुरक्षा
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साइबर सुरक्षा
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सप्लाई चेन को मज़बूत करना
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क्लाइमेट चेंज के साझा उपाय
2. भारत-जापान बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में नई गति
मोदी और जापानी पीएम फुमियो किशिदा के बीच मुम्बई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा हुई। जापान ने इस मेगाप्रोजेक्ट के लिए वित्तीय और तकनीकी समर्थन दोबारा दोहराया।
2027 तक परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है।
3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल साझेदारी
भारत और जापान ने AI, Robotics, Quantum Computing और 6G तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए अहम समझौते किए।
हाइलाइट्स:
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🇮🇳–🇯🇵 डिजिटल इनोवेशन फंड की घोषणा
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स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न्स के लिए सहयोग प्लेटफॉर्म
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साइबर सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करना
4. जलवायु परिवर्तन और हरित ऊर्जा पर साझेदारी
भारत और जापान ने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्युएबल एनर्जी, और कार्बन न्यूट्रलिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
नई घोषणाएं:
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ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में जापान की भागीदारी
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स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा दक्षता पर संयुक्त प्रोजेक्ट्स
5. रणनीतिक और रक्षा साझेदारी
दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। खासकर मैरिटाइम एक्सरसाइज, रक्षा उपकरणों की साझी उत्पादन प्रणाली और रक्षा तकनीक ट्रांसफर पर समझौते हुए।
PM मोदी का यह दौरा सिर्फ एक डिप्लोमैटिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के “विकसित भारत 2047” विजन की दिशा में एक ठोस कदम है। जापान के साथ तकनीकी, रक्षा, और आर्थिक मोर्चों पर हुई ये साझेदारियां आने वाले वर्षों में भारत के विकास को नई दिशा देंगी।




