नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अक्तूबर में एक महत्वपूर्ण मुलाकात हो सकती है। यह बैठक तब हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा की योजना बना रहे हैं और इसी दौरान जिनपिंग के साथ संभावित शिखर वार्ता की चर्चा भी जोरों पर है। इस मुलाकात को लेकर दोनों देशों के कूटनीतिक हलकों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और वैश्विक व्यापार नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए अहम मानी जा रही है।
हालांकि अब तक व्हाइट हाउस या बीजिंग की ओर से इस संभावित मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन कूटनीतिक संकेतों से स्पष्ट है कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत की संभावना प्रबल होती जा रही है।
यदि यह बैठक होती है, तो यह ना केवल अमेरिका-चीन संबंधों में एक नया मोड़ ला सकती है, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।




