गाजा सिटी में हमास ने आठ लोगों को इजरायल के जासूस होने के आरोप में सड़क पर घुटनों के बल बैठा कर गोली मार दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि इन व्यक्तियों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी और हमास के सशस्त्र लड़ाके उन्हें एक-एक करके मार रहे थे, जबकि आसपास मौजूद लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगा रहे थे। हमास ने इस कार्रवाई को गाजा में अपनी सत्ता मजबूत करने और इजरायल के साथ हाल ही में हुए संघर्षविराम के बाद स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास के रूप में पेश किया। हमास के अनुसार, इन व्यक्तियों ने इजरायल के लिए जासूसी की थी और गाजा में हमास के खिलाफ साजिश रची थी।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने हमास से गाजा में नागरिकों के खिलाफ हिंसा रोकने की अपील की है। उन्होंने संघर्षविराम का पालन करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-बिंदु शांति योजना को स्वीकार करने का आग्रह किया। ट्रंप ने भी चेतावनी दी कि यदि हमास संघर्षविराम का उल्लंघन करता है तो सैन्य कार्रवाई की संभावना है।
गाजा में हमास की यह कार्रवाई उस समय हुई जब संगठन इजरायल के साथ संघर्षविराम के बाद गाजा में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था। हमास ने प्रतिद्वंद्वी परिवारों और सशस्त्र समूहों के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें सार्वजनिक हत्याएँ और शहरी संघर्ष शामिल हैं। इनमें डोग्मुश परिवार जैसे शक्तिशाली समूहों के खिलाफ ऑपरेशन भी शामिल थे, जिन पर इजरायल से समर्थन प्राप्त करने का आरोप था।
यह घटना न केवल इजरायल के साथ संघर्षविराम की स्थिति को प्रभावित करती है, बल्कि गाजा में हमास की आंतरिक सत्ता संघर्ष और नियंत्रण की दिशा को भी दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभावों पर निकट भविष्य में ध्यान केंद्रित किया जाएगा।




