कुआलालंपुर (मलेशिया) में चल रहे 48वें आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। यह बैठक शिखर सम्मेलन के इतर (on sidelines) हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ताएं तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं और दोनों देशों के अधिकारी आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान जयशंकर और रूबियो ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और मुक्त नौवहन सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों ने तकनीकी, रक्षा, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। चर्चा में यह भी सामने आया कि भारत और अमेरिका उभरती प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
रूबियो की यह दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा अमेरिका की इंडो-पैसिफिक नीति के तहत क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग को गहराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उनकी उपस्थिति आसियान मंच पर क्षेत्रीय साझेदारों को यह भरोसा दिलाने का संदेश है कि अमेरिका इस क्षेत्र की स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, भारत की भूमिका भी इस क्षेत्र में एक संतुलित और विश्वसनीय साझेदार के रूप में लगातार बढ़ रही है।
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलकर प्रसन्न हैं और द्विपक्षीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई चर्चा सार्थक रही। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग न केवल व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक भारत-अमेरिका के बीच आपसी विश्वास को और गहरा करेगी तथा आसियान देशों के साथ क्षेत्रीय साझेदारी को नई गति देगी।




