अमित शाह की बिहार रैली: सीमांचल को ‘घुसपैठियों का अड्डा’ बनाने का आरोप, एनडीए की जीत का भरोसा जताया

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पूर्णिया, बिहार — केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी में आयोजित एक जनसभा में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वे सीमांचल क्षेत्र को “घुसपैठियों का अड्डा” बनाना चाहते हैं। शाह ने कहा कि राहुल और तेजस्वी की नीतियों से अवैध प्रवासी लगातार सीमांचल में बस रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के रोजगार, राशन और सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है।

गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे “जंगलराज” वापस नहीं आने दें और उन दलों को समर्थन दें जो प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हैं। शाह ने कहा कि एनडीए की सरकार बनने पर हर अवैध प्रवासी की पहचान की जाएगी, उन्हें मतदाता सूची से हटाया जाएगा और देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

अमित शाह ने मंच से यह भी कहा कि सीमांचल की धरती वीरों की है, इसे “घुसपैठियों का ठिकाना” बनने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे अपने बच्चों का भविष्य अवैध घुसपैठियों के हवाले करना चाहते हैं। भीड़ से “नहीं” के स्वर आने पर शाह ने कहा कि यही जनता की ताकत है जो महागठबंधन की राजनीति को जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए को बिहार में 160 से अधिक सीटें मिलेंगी और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाएगा।

विपक्ष की ओर से शाह के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि भाजपा जनता को गुमराह करने और मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है। महागठबंधन नेताओं ने कहा कि सीमांचल का असली मुद्दा विकास, शिक्षा और रोजगार है, न कि धर्म या घुसपैठ की राजनीति। हालांकि, अमित शाह की यह रैली भाजपा के चुनावी अभियान में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है, जिसमें सीमांचल और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई।

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