उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी त्योहारों, वर्षांत के आयोजनों और विभिन्न भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 24 नवंबर से अगले 53 दिनों तक धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया है। यह अवधि 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार इस कदम का उद्देश्य शहर में बढ़ती भीड़, आयोजनों के दबाव, सुरक्षा चुनौतियों और राजनीतिक-सामाजिक गतिविधियों के बीच शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आदेश लागू होने के साथ ही राजधानी में बिना अनुमति बड़े समूहों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी और किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन या जुलूस केवल उसी स्थान पर किया जा सकेगा जिसे प्रशासन ने पहले से निर्धारित किया है। निर्धारित स्थल को छोड़कर किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर प्रदर्शन किए जाने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
सरकारी भवनों, संवेदनशील इलाकों और विधानभवन के आसपास सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है। इन क्षेत्रों में एक किलोमीटर की परिधि तक ड्रोन उड़ाने या ड्रोन शूटिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लगे। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ बढ़ने के मद्देनजर हथियार लेकर चलने, भड़काऊ भाषण देने या ऐसी किसी गतिविधि पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा जो सार्वजनिक शांति में बाधा उत्पन्न कर सकती है। पुलिस का कहना है कि यह आदेश शहर में रह रहे किरायेदारों, कामगारों, डिलीवरी कर्मियों और नागरिकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या असुविधा न हो; हालांकि यदि किसी को किसी गतिविधि के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता पड़ती है तो वह स्थानीय थाने या कमिश्नरेट कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर सकता है।
प्रशासन का मानना है कि धारा 163 का यह अस्थायी लागू होना शहर में सुरक्षा प्रबंधन को सरल बनाएगा और वर्ष के इस व्यस्त काल में संभावित अवांछित घटनाओं को रोकेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक भीड़भाड़ वाली गतिविधियों से बचें और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या ड्रोन ऑपरेशन से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना न भूलें। आदेश का उल्लंघन करने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। शहर की शांति और सुरक्षा को देखते हुए यह कदम आवश्यक बताया जा रहा है।




