IAF की त्वरित कार्रवाई: विदेशी नागरिक भी हुए ऑपरेशन सागर बंधु के जरिए सुरक्षित

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श्रीलंका में आए भीषण साइक्लोन Ditwah के बाद भारतीय वायुसेना ने मानवीय राहत अभियान “ऑपरेशन सागर बंधु” की शुरुआत करते हुए तेज़ और व्यापक बचाव कार्रवाई चलायी। तूफान के कारण कई इलाकों में सड़क व संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने से स्थानीय प्रशासन को लोगों तक पहुँचने में कठिनाई हो रही थी। ऐसे में IAF के भारी विमान—C-130J, IL-76 और C-17—के साथ Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए फंसे हुए नागरिकों, पर्यटकों और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। अभियान के दौरान न केवल भारतीय नागरिकों को निकाला गया, बल्कि जर्मनी, यूके, साउथ अफ्रीका और स्लोवेनिया जैसे देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित एवैक्यूएट किया गया, जिससे भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और क्षेत्रीय सहयोग की भावना मजबूत हुई।

राहत कार्य कई चरणों में चला। विभिन्न बैचों में सैकड़ों भारतीय नागरिकों को श्रीलंका से हवाई मार्ग से थिरुवनंतपुरम पहुँचाया गया। कुछ उड़ानों में 200 से अधिक यात्रियों के निकाले जाने की जानकारी सामने आई। इस दौरान विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों—जैसे कोटमाले—से हेलीकॉप्टरों द्वारा जमीन से कट चुके लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें छोटे शिशु, बुजुर्ग, घायल और विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस तेज़ एवं सटीक रेस्क्यू ऑपरेशन ने प्रभावित लोगों में नई उम्मीद जगाई और राहत दलों को राहत सामग्री पहुंचाने में भी बड़ी मदद मिली।

इसके साथ ही, भारत ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग कोलंबो के समन्वय से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजी। NDRF की विशेष टीमों को भी एयरलिफ्ट किया गया, जबकि करीब 21 से 27 टन तक राहत सामग्री — जैसे भोजन, दवाइयाँ, मेडिकल किट, आपातकालीन उपकरण — श्रीलंका पहुंचाई गई। भारतीय उच्चायोग ने लगातार संपर्क हेल्पलाइन संचालित करते हुए फंसे भारतीयों को मार्गदर्शन प्रदान किया और एयरलिफ्ट किए गए समूहों की सुरक्षित वापसी की जानकारी साझा की। भारत के इन तेज़ मानवीय प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया, जिसे पड़ोसी देशों के प्रति भारत की विश्वसनीयता और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है।

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