कोलकाता में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के खिलाफ सोमवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर भारी संख्या में एकत्र हुए BLOs ने काम के बढ़ते बोझ और असुरक्षित परिस्थितियों को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जताई। प्रदर्शन के दौरान माहौल इतना गरमाया कि कई जगह बैरिकेड तोड़ने की घटनाएँ भी सामने आईं। अचानक बढ़ते हंगामे को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करती रही। इस हंगामे के चलते कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।
BLOs का आरोप है कि SIR प्रक्रिया ने उनके काम का दबाव कई गुना बढ़ा दिया है। मतदाताओं के घर-घर जाकर सत्यापन, फॉर्म भरवाना, दस्तावेज़ इकट्ठा करना और निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट तैयार करने जैसी जिम्मेदारियाँ बिना पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षण और सुरक्षा के निर्वहन करनी पड़ रही हैं। कई BLOs ने दावा किया कि उन्हें देर रात तक फील्ड में रहना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं। वहीं कुछ मतदाताओं द्वारा सहयोग न मिलने, घर पर न मिलने या दस्तावेज़ न देने की वजह से वे अतिरिक्त दबाव में काम कर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
दूसरी ओर, प्रदर्शन के उग्र रूप लेने पर चुनाव आयोग ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना है और कोलकाता पुलिस से 48 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि BLOs सहित सभी चुनाव कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR अभ्यास की समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्य सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहनी चाहिए।
इस घटना के बाद राजनीतिक तापमान भी बढ़ गया है। कुछ पार्टियों ने BLOs की समस्याओं को सही बताते हुए आयोग से उनके समर्थन में कदम उठाने की अपील की, जबकि कुछ ने प्रदर्शन को अतिरंजित और अनुशासनहीन बताया। वहीं अधिकारियों का कहना है कि विरोध के कारण SIR प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और मतदाता सूची अद्यतन कार्य में देरी की आशंका बढ़ गई है। अब पुलिस रिपोर्ट और प्रशासनिक समीक्षा के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अगर BLOs की सुरक्षा और कार्य स्थितियों में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा विवाद बन सकता है।




