कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। कार्यक्रम में मेसी की मौजूदगी अपेक्षा से काफी कम समय के लिए रही, जिससे हजारों दर्शक निराश हो गए। नाराज प्रशंसकों ने हंगामा शुरू कर दिया, कुर्सियां तोड़ी गईं और कुछ लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान तक पहुंच गए। हालात बिगड़ने पर कार्यक्रम को बीच में ही समाप्त करना पड़ा और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले पर खेद जताया और जांच के आदेश दिए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आयोजन में हुई चूकों और अव्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा और प्रबंधन में कहां-कहां लापरवाही हुई।
इसी बीच इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है और ममता बनर्जी को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना चाहिए। उनके बयान में “ममता बनर्जी को गिरफ्तार करो” जैसी सख्त टिप्पणी भी शामिल रही, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।
घटना के बाद से टिकट खरीदने वाले दर्शकों में भी नाराजगी है। कई लोगों ने महंगे टिकट लेने के बावजूद पूरा कार्यक्रम न देख पाने की शिकायत की है और रिफंड की मांग उठाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और भविष्य में इस तरह के बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। मेसी के इस इवेंट में हुए बवाल ने न सिर्फ आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी को भी सुर्खियों में ला दिया है।




