श्रीनगर में आयोजित भव्य समारोह में बीएसएफ को 447 नए सीमा प्रहरी मिले, जिन्होंने कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ ली। यह पासिंग-आउट परेड हुमहामा स्थित बीएसएफ सब्सिडियरी ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) में संपन्न हुई, जहाँ 44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद युवा रंगरूट पूर्ण रूप से प्रशिक्षित जवानों के रूप में देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार हुए। इस प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, फायरिंग अभ्यास, ड्रिल, सीमा प्रबंधन, कानून की जानकारी और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि आईजी (एसटीसी) कश्मीर सोलोमन यश कुमार मिंज ने परेड की समीक्षा की और नए सीमा प्रहरियों के अनुशासन, समर्पण और पेशेवर कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएसएफ देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता रहा है और नए जवान इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निष्ठा और साहस के साथ राष्ट्र सेवा करेंगे। अंतिम परेड की कमान कांस्टेबल सुभदीप पांजा ने संभाली, जिनके नेतृत्व में परेड अत्यंत अनुशासित और प्रभावशाली रही।
इस अवसर पर जवानों के परिवारजन और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अपने बेटों को वर्दी में देखकर परिजनों के चेहरे गर्व और भावुकता से भरे नजर आए। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रंगरूटों को पदक और ट्रॉफियों से सम्मानित किया गया। समारोह ने न केवल नए सीमा प्रहरियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि ये जवान अब देश की सीमाओं की रक्षा में पूरी मजबूती से तैनात होने के लिए तैयार हैं और भारत की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।




