नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और रणनीतिक साझेदारी को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सकारात्मक रुख जताया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-ईयू के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड समझौता दोनों पक्षों के संबंधों को नई मजबूती देगा और सहयोग को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साझा मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और बहुपक्षीय सहयोग की भावना के चलते भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि एफटीए के माध्यम से न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह रणनीतिक साझेदारी को भी गहराई प्रदान करेगा। लंबे समय से चल रही भारत-ईयू व्यापार वार्ताओं के सकारात्मक निष्कर्ष की ओर बढ़ने को उन्होंने दोनों पक्षों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस समझौते से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में बाधाएं कम होंगी, शुल्क में कटौती होगी और भारतीय व यूरोपीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुलेंगे।
एफटीए से खास तौर पर विनिर्माण, वस्त्र, आईटी, फार्मा, कृषि उत्पाद, हीरा-जवाहरात और इंजीनियरिंग सेक्टर को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और वैश्विक शांति व स्थिरता के मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति मुर्मू का मानना है कि फ्री ट्रेड समझौता भारत-ईयू संबंधों को एक नई दिशा देगा और आने वाले समय में यह साझेदारी आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर और मजबूत होकर उभरेगी।




