नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026: आज पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि मना रहा है। हर वर्ष 30 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिन शहीद दिवस के रूप में जाना जाता है। वर्ष 1948 में इसी दिन महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को स्मरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के सिद्धांत आज भी भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि बापू की सोच “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को मजबूती देती है और समाज को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी का जीवन विश्व को शांति और सहअस्तित्व का संदेश देता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को जन-आंदोलन बनाया और देश को एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने आज़ादी के समय थे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धा व्यक्त की।
शहीद दिवस के अवसर पर दिल्ली के राजघाट में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जहां महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को याद किया गया। देशभर में स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महात्मा गांधी ने अपने जीवन में सत्य, अहिंसा, स्वराज, स्वदेशी और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च स्थान दिया। उनका मानना था कि बिना हिंसा के भी बड़े सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन संभव हैं। आज के समय में, जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, गांधी जी के विचार मानवता, शांति और संवाद का मार्ग दिखाते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर देश ने एक बार फिर संकल्प लिया कि बापू के आदर्शों को केवल याद ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी अपनाया जाएगा।




