नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावों में मिली जीत से संतुष्ट होकर बैठ जाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता कोई अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि यह जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी को और बढ़ा देती है। प्रधानमंत्री ने सांसदों को नसीहत दी कि वे लगातार जनता के बीच रहें, उनकी समस्याओं को समझें और सरकार की नीतियों व फैसलों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने जोर दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और जनसेवा की भावना ही राजनीतिक सफलता को स्थायी बना सकती है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने इसे धैर्यपूर्ण कूटनीति और बदलते वैश्विक परिदृश्य का परिणाम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के आर्थिक हितों को मजबूत करने वाली है और इससे भारतीय उद्योग, निर्यातकों और किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया का वर्ल्ड ऑर्डर तेजी से बदल रहा है और भारत अब वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका में उभर रहा है।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भी समझाया कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का सीधा फायदा तब मिलेगा, जब देश के भीतर शासन और विकास कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ किए जाएं। उन्होंने संसद में सक्रिय भागीदारी, नीतिगत चर्चाओं में गंभीरता और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। कुल मिलाकर, NDA बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ था—चुनावी जीत पर आत्ममुग्ध होने के बजाय लगातार काम करते रहना और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना ही असली लक्ष्य होना चाहिए।




