साल 2026 में देश के चार प्रमुख राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनकी तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने इन राज्यों का दौरा शुरू कर दिया है और प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था तथा मतदाता सूची की समीक्षा की जा रही है। माना जा रहा है कि चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा मार्च के मध्य तक की जा सकती है, जिसके बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार इन राज्यों में मतदान अप्रैल महीने में अलग-अलग चरणों में कराया जा सकता है, ताकि मई में समाप्त हो रहे मौजूदा विधानसभा कार्यकाल से पहले नई सरकारों का गठन हो सके। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल मई की शुरुआत में समाप्त हो रहा है, जबकि असम, तमिलनाडु और केरल की विधानसभाओं का कार्यकाल भी मई के मध्य तक खत्म हो जाएगा। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग समयबद्ध तरीके से कार्यक्रम जारी करने की तैयारी कर रहा है।
राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति तेज कर दी है। सभी प्रमुख पार्टियां संगठनात्मक बैठकों, उम्मीदवार चयन और जनसभाओं के माध्यम से माहौल बनाने में जुट गई हैं। इन राज्यों के चुनावों को राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनके परिणाम आगामी वर्षों की राजनीतिक दिशा और समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। चुनावी तारीखों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही इन राज्यों में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की उम्मीद है।




