मैक्रों ने सराहा भारत का डिजिटल मॉडल, UPI पर की खुलकर बात

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नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत की डिजिटल उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष सराहना मिली। फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रों ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित की है, जिसे दुनिया के कई विकसित देश भी लागू नहीं कर सके। उन्होंने विशेष रूप से Unified Payments Interface (UPI) की प्रशंसा करते हुए इसे डिजिटल समावेशन और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। मैक्रों ने कहा कि भारत की भुगतान प्रणाली ने करोड़ों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुलभ लेन-देन की सुविधा दी है, जो वैश्विक स्तर पर एक मॉडल के रूप में उभरी है।

समिट में एआई के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा, वैश्विक सहयोग और तकनीकी लोकतंत्रीकरण जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। मैक्रों ने भारत और फ्रांस के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर भारत की डिजिटल नीतियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी सराहना की गई, जिन्हें तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था की पहचान माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान “नमस्ते” के साथ मंच से किया गया अभिवादन भी चर्चा का विषय बना और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक तकनीकी नेतृत्व के संगम के रूप में देखा गया। समिट में भारत के नेतृत्व ने वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार और समावेशी एआई विकास का आह्वान करते हुए तकनीक को मानवता के हित में उपयोग करने की जरूरत पर जोर दिया। इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि डिजिटल नवाचार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

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