गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द दौड़ेंगी गाड़ियां, सिर्फ अंतिम परीक्षण का काम बाकी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ अंतिम तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा जांच और फिनिशिंग से जुड़े काम बाकी रह गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो महीनों के भीतर इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।

गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा। फिलहाल सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में लगभग 11 से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह दूरी करीब 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि राज्य में व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जूदापुर दंडू गांव तक जाएगा और रास्ते में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों से होकर गुजरेगा। करीब 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही इस परियोजना को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में ट्रायल रन और टोल सिस्टम की जांच भी शुरू कर दी गई है। अंतिम चरण में कुछ इंटरचेंज, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी परीक्षण से जुड़े काम पूरे किए जा रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करेगा और पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर और तेज सड़क संपर्क स्थापित करेगा।

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