पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित रणनीतिक ठिकानों पर भारी बमबारी की। इस हमले में अमेरिकी सेना ने लगभग 5000 पाउंड वजनी अत्याधुनिक “बंकर बस्टर” बमों का इस्तेमाल किया, जो जमीन के अंदर बने मजबूत और सुरक्षित ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम माने जाते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान के उन मिसाइल ठिकानों को खत्म करना था, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों, विशेष रूप से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे।
बताया जा रहा है कि इन ठिकानों पर तैनात एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलें समुद्र में चल रहे जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता रखती थीं। हाल के दिनों में ईरान द्वारा इस क्षेत्र में ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और समुद्री माइंस की तैनाती के चलते दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक प्रभावित हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, और यहां बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के संकेत देते हुए पहले ही क्षेत्र में कई हमले किए हैं, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा भारी बंकर बस्टर बमों का उपयोग यह दर्शाता है कि वह ईरान के भूमिगत सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर उसकी रणनीतिक क्षमता को कमजोर करना चाहता है। वहीं, ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी के बाद आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और गंभीर रूप ले सकता है, जिसका असर न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है।




