वैश्विक मंच पर भारत की आवाज बुलंद, WTO में कृषि और डिजिटल नीति पर स्पष्ट रुख

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World Trade Organization (WTO) की 14वीं मंत्रीस्तरीय बैठक (MC14) 26 से 29 मार्च 2026 तक कैमरून की राजधानी याउंडे में आयोजित हो रही है, जिसमें भारत ने विकासशील देशों के हितों की जोरदार पैरवी करते हुए किसानों, मछुआरों और डिजिटल व्यापार से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में भाग ले रहा है, जहां WTO सुधार, कृषि, मत्स्य सब्सिडी, ई-कॉमर्स और निवेश सुविधा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है।

भारत ने इस मंच पर दोहराया है कि उसकी प्राथमिकता खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों के हितों की रक्षा करना है। इसी संदर्भ में भारत ने सार्वजनिक भंडारण (Public Stockholding) के मुद्दे पर स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को निरंतर सुरक्षा मिलती रहे। भारत का मानना है कि वैश्विक व्यापार नियम ऐसे होने चाहिए जो विकासशील देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों और उनकी नीतिगत स्वतंत्रता को सीमित न करें।

इसके साथ ही, भारत ने मत्स्य क्षेत्र में भी स्पष्ट रूप से अपने रुख को सामने रखा है। वैश्विक स्तर पर मत्स्य सब्सिडी को लेकर जारी बहस में भारत ने कहा है कि छोटे और पारंपरिक मछुआरों के हितों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह क्षेत्र करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। भारत ने यह भी जोर दिया कि विकसित देशों द्वारा दी जाने वाली भारी सब्सिडी और संसाधनों के असमान उपयोग को ध्यान में रखते हुए विकासशील देशों को विशेष छूट मिलनी चाहिए।

डिजिटल व्यापार के क्षेत्र में भी भारत ने संतुलित लेकिन दृढ़ रुख अपनाया है। ई-कॉमर्स पर शुल्क (टैरिफ) लगाने के मुद्दे पर भारत ने ‘नीतिगत स्वतंत्रता’ बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि भविष्य में वह अपने डिजिटल बाजार, डेटा सुरक्षा और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा कर सके। भारत का मानना है कि बिना सोचे-समझे वैश्विक नियम लागू करने से विकासशील देशों के डिजिटल विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, WTO की इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह वैश्विक व्यापार व्यवस्था में सुधार का समर्थक है, लेकिन अपने किसानों, मछुआरों और डिजिटल संप्रभुता के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

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