‘विदेशी साजिश से चुनाव प्रभावित करने की कोशिश’—हिमंता बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर हमला

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असम में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बीच मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी की जीत के लिए पाकिस्तान में दुआ की जा रही है और चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी सामग्री का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाया गया “फर्जी पासपोर्ट” मुद्दा पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया स्रोतों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य असम की जनता को गुमराह करना है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं Pawan Khera और Gaurav Gogoi ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। इन आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। जवाब में मुख्यमंत्री सरमा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया तथा कहा कि कांग्रेस बिना तथ्यों के आधार पर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।

सीएम सरमा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जालसाजी और धोखाधड़ी जैसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि इस मामले में उनकी पत्नी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है, ताकि आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मुद्दे को पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी चुनावी सभाओं में राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और सरकार को इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

कुल मिलाकर, “फर्जी पासपोर्ट” विवाद और “पाकिस्तान कनेक्शन” के आरोपों ने असम चुनाव 2026 को और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ बीजेपी इस मुद्दे को विदेशी हस्तक्षेप और दुष्प्रचार से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मामला बता रही है। ऐसे में चुनाव नजदीक आते-आते यह विवाद और अधिक तेज होने की संभावना है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल बनी हुई है।

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