13 अप्रैल को पूरे देश ने Jallianwala Bagh Massacre की बरसी पर उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों की ओर से जलियांवाला बाग के बलिदानियों को नमन करते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नई चेतना और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बना, जो आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र इन महान आत्माओं का सदैव ऋणी रहेगा और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारत की अदम्य भावना, साहस और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह घटना भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का त्याग देश को सदैव प्रेरित करता रहेगा और उनके सपनों का भारत बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
गौरतलब है कि 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में ब्रिटिश शासन के दौरान निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे काले अध्यायों में से एक मानी जाती है और इसने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। इस घटना के बाद स्वतंत्रता आंदोलन को नई गति मिली और देशवासियों में आजादी के लिए संघर्ष की भावना और अधिक प्रबल हो गई।
इस अवसर पर विभिन्न नेताओं और संगठनों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को देश की आजादी की नींव बताया। जलियांवाला बाग का यह ऐतिहासिक बलिदान आज भी भारतीयों के दिलों में देशभक्ति, एकता और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान की भावना को जीवित रखता है। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने शहीदों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




