कैंसर का नया खतरा! दूषित पेयजल में पाया गया NDMA, बच्चों पर सबसे ज्यादा असर

SHARE:

दूषित पेयजल को लेकर वैज्ञानिकों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पानी में मौजूद एन-नाइट्रोसोडाइमिथाइलएमीन (NDMA) नामक रसायन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है। यह रसायन शरीर की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, बच्चों के शरीर में कोशिकाएं तेजी से विकसित होती हैं, इसलिए NDMA के संपर्क में आने पर उनके डीएनए में होने वाला नुकसान स्थायी आनुवंशिक परिवर्तन में बदल सकता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि NDMA एक संभावित कैंसरकारी रसायन है, जो औद्योगिक कचरे, कुछ दवाओं, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और जल शोधन प्रक्रियाओं के दौरान पेयजल में पहुंच सकता है। कई बार जल शोधन के दौरान उपयोग किए जाने वाले रसायनों की प्रतिक्रिया से भी NDMA बन जाता है। यही वजह है कि यह रसायन दुनिया के कई हिस्सों में पेयजल स्रोतों में पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी बहुत कम मात्रा भी लंबे समय तक शरीर में पहुंचने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है।

अध्ययन में पाया गया कि कम उम्र में NDMA के संपर्क में आने वाले बच्चों में डीएनए क्षति, जीन उत्परिवर्तन और ट्यूमर विकसित होने का जोखिम वयस्कों की तुलना में कहीं अधिक होता है। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि बचपन में हुए ये आनुवंशिक बदलाव आगे चलकर जीवन के किसी भी चरण में कैंसर का कारण बन सकते हैं। यही कारण है कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दूषित पेयजल से बचाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि जिन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं, वहां जल गुणवत्ता की नियमित जांच अनिवार्य की जानी चाहिए। घरों में प्रमाणित वॉटर फिल्ट्रेशन सिस्टम का उपयोग करना और स्थानीय जल आपूर्ति की गुणवत्ता रिपोर्ट पर नजर रखना भी जरूरी है। यदि पानी के स्वाद, गंध या रंग में कोई बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत उसकी जांच करानी चाहिए।

वैज्ञानिकों ने नियामक एजेंसियों से रासायनिक सुरक्षा मानकों की पुनर्समीक्षा करने और बच्चों को ध्यान में रखते हुए अधिक सख्त दिशानिर्देश तैयार करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल हर नागरिक का अधिकार है। NDMA जैसे अदृश्य रसायन यह याद दिलाते हैं कि जल सुरक्षा केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।

Leave a Comment