ऑपरेशन सिंदूर पर भारत अडिग, राजनाथ बोले- फैसला हमारा, शर्तें हमारी

SHARE:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत का रुख एक बार फिर पूरी दृढ़ता के साथ स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभियान को किसी बाहरी दबाव, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप या मजबूरी में नहीं रोका गया, बल्कि भारत ने अपने रणनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के बाद अपनी इच्छा से इसे विराम दिया। राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सशस्त्र बल लंबे समय तक अभियान जारी रखने में पूरी तरह सक्षम थे। भारत ने यह निर्णय अपनी सैन्य रणनीति, राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया। उनका यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता है, जिनमें अभियान को लेकर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का वैश्विक केंद्र” बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवादी संगठनों को शरण, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराता रहा है। यही कारण है कि वह क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल आतंकियों को समाप्त करने तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए उन विचारधाराओं, संगठनों और राजनीतिक तंत्रों को भी खत्म करना होगा, जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और उसे संरक्षण प्रदान करते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी या ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने वाला नहीं है। पाकिस्तान द्वारा समय-समय पर दी जाने वाली परमाणु चेतावनियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नया भारत ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है। भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के मामले में वह किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। भारत की सुरक्षा नीति स्पष्ट, निर्णायक और शून्य सहिष्णुता पर आधारित है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है। इस अभियान के जरिए भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया और यह संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है। राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में पाकिस्तान अपनी धरती से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता है, तो भारत पहले से कहीं अधिक कठोर और प्रभावी जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर दुनिया को यह दिखा दिया है कि नया भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम, आत्मविश्वासी और निर्णायक है।

Leave a Comment