श्रमिकों में गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के लिए सरकार की नई पहल

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केंद्र सरकार ने 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों और कामगारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच की नई पहल शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य कामगारों में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान करना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप से गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव होगा और स्वास्थ्य पर होने वाला आर्थिक बोझ भी कम किया जा सकेगा।

यह सुविधा देशभर के ESIC अस्पतालों और संबद्ध स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जांच में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, हृदय संबंधी परीक्षण, किडनी और लीवर फंक्शन टेस्ट सहित कई जरूरी मेडिकल जांच शामिल होंगी। केंद्र सरकार का कहना है कि इस पहल से श्रमिकों की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

सरकार ने इस योजना को Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 के तहत लागू किया है। नए श्रम कानूनों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके साथ ही सरकार असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म आधारित कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में काम कर रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 40 वर्ष की आयु के बाद मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच के जरिए बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज शुरू किया जा सकता है। इससे न केवल कामगारों का स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

केंद्र सरकार का दावा है कि यह योजना श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। लाखों कामगारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और आने वाले समय में इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

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