PM मोदी के नीदरलैंड दौरे से मजबूत हुए आर्थिक रिश्ते, टेक और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

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प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीदरलैंड यात्रा भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्तों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड ने तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 बड़े फैसलों और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई। द हेग में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और डच नेतृत्व ने भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था, भरोसेमंद सप्लाई चेन और नई तकनीकों में साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। दोनों देशों ने यह माना कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात में तकनीकी सहयोग और आर्थिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना समय की जरूरत है।

इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई साझेदारी रही। भारत की Tata Electronics और नीदरलैंड की अग्रणी चिप तकनीक कंपनी ASML के बीच भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट के लिए अहम समझौता हुआ। गुजरात के धोलेरा में प्रस्तावित यह प्लांट भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। आधुनिक चिप निर्माण में ASML की तकनीक दुनिया की सबसे उन्नत तकनीकों में गिनी जाती है और इस सहयोग से भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत स्थान मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने और “डिजाइन, इनोवेट और मैन्युफैक्चर इन इंडिया” अभियान का हिस्सा बनने का भी निमंत्रण दिया।

भारत और नीदरलैंड ने क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा तकनीक और समुद्री सुरक्षा में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। जल प्रबंधन और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में नीदरलैंड की विशेषज्ञता का लाभ भारत को मिलने की संभावना जताई गई। दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल रिसर्च, डिजिटल हेल्थ और हेल्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े संयुक्त प्रोजेक्ट शुरू करने पर चर्चा की, जबकि शिक्षा क्षेत्र में भारतीय छात्रों के लिए डच विश्वविद्यालयों में रिसर्च और उच्च शिक्षा के नए अवसर बढ़ाने की योजना पर भी सहमति बनी। वर्तमान में हजारों भारतीय छात्र नीदरलैंड में पढ़ाई कर रहे हैं और आने वाले समय में इस संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और नीदरलैंड भारत में प्रमुख विदेशी निवेशकों में शामिल हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के दौरान हुए समझौते आने वाले वर्षों में भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई मजबूती देंगे और तकनीक आधारित साझेदारी को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे।

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