लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार, Rashtriya Swayamsevak Sangh और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला। जनसभा में हाथ में संविधान की प्रति लेकर पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि “आरएसएस और प्रधानमंत्री संविधान को फाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता के मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार के लिए परेशान है, लेकिन केंद्र सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी हुई है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ केवल कुछ बड़े उद्योगपतियों को मिल रहा है, जबकि किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक और आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रही है और आम लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
सभा के दौरान राहुल गांधी ने आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और यही वजह है कि कांग्रेस संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को संविधान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील भी की।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने युवाओं, किसानों और महिलाओं से कांग्रेस के साथ जुड़ने का आह्वान किया। रायबरेली में राहुल गांधी के इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति और लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए उनके आरोपों को निराधार बताया है। भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा करना पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।




