केसर आम से लेकर राम मंदिर प्रतिकृति तक, PM मोदी के उपहारों ने खींचा दुनिया का ध्यान

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करते हुए कई विशेष उपहार विदेशी नेताओं को भेंट किए। इन उपहारों में बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, असम का पारंपरिक मूगा सिल्क स्टोल, राजस्थान की कलाकारी से तैयार स्मृति चिह्न और धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीक शामिल रहे। प्रधानमंत्री की इस पहल को भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और “सॉफ्ट पावर” को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यात्रा के दौरान अर्जेंटीना के राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री मोदी ने फ्यूक्साइट पत्थर पर स्थापित हाथ से नक्काशी किया गया चांदी का शेर भेंट किया, जो साहस, नेतृत्व और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। वहीं अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति को मिथिला कला शैली में तैयार सूर्य देव की मधुबनी पेंटिंग दी गई, जिसमें प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक आकृतियों के माध्यम से भारतीय लोककला की समृद्ध परंपरा को दर्शाया गया। इसके अलावा कई नेताओं को असम का प्रसिद्ध मूगा सिल्क स्टोल भी उपहार स्वरूप दिया गया, जो अपनी सुनहरी चमक और विशिष्ट बनावट के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को भी अपने उपहारों के माध्यम से प्रमुखता दी। कुछ विदेशी नेताओं को अयोध्या के राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति और सरयू नदी के पवित्र जल से भरा कलश भी भेंट किया गया। इन उपहारों के जरिए भारत की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपहार कूटनीति से न केवल भारत की वैश्विक छवि मजबूत होती है, बल्कि देश के स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है।

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