उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच Yogi Adityanath ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन सरकारों के समय “बिजली के तारों पर कपड़े सुखाए जाते थे”, आज वही लोग बिजली व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और बढ़ती मांग के बावजूद लोगों को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की तुलना में प्रदेश में बिजली की खपत और जरूरत कई गुना बढ़ चुकी है, जिसके अनुसार बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण पर जोर देते हुए लोगों से अपील की कि बिजली का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें और अनावश्यक रूप से बिजली उपकरण चालू न छोड़ें। उन्होंने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों से भी आवश्यकता के अनुसार स्ट्रीट लाइटों के संचालन की बात कही तथा ऊर्जा बचत को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार उत्पादन और वितरण प्रणाली में सुधार कर बिजली संकट जैसी चुनौतियों से निपटने का प्रयास कर रही है, ताकि भीषण गर्मी के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद Akhilesh Yadav ने पलटवार करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली कटौती और जनता की परेशानियों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय बिजली संकट के समाधान पर ध्यान देना चाहिए और आम लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
दरअसल, प्रदेश में हाल के दिनों में बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। Samajwadi Party लगातार बिजली संकट को मुद्दा बना रही है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि बढ़ती गर्मी, अधिक मांग और तकनीकी चुनौतियों के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित न हो, ताकि आम जनता को राहत हो ।




