‘अगर भारत नहीं तो कौन?’ गाजा के लिए चिकित्सा सहायता की उम्मीद पर बोले फलस्तीनी राजदूत

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नई दिल्ली/गाजा: भारत में फलस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने गाजा में लगातार जारी संघर्ष के बीच वहां की मानवीय स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था लगभग पूरी तरह चरमरा चुकी है। उनका कहना है कि अस्पतालों पर लगातार बढ़ते दबाव, चिकित्सा ढांचे को हुए नुकसान, दवाइयों और जीवनरक्षक उपकरणों की भारी कमी तथा सीमित संसाधनों के कारण मरीजों का समुचित इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। कई अस्पताल बंद हो चुके हैं, जबकि जो संस्थान संचालित हैं, वे भी केवल सीमित क्षमता के साथ आपातकालीन सेवाएं देने को मजबूर हैं।

फलस्तीनी राजदूत ने भारत से जल्द बड़े स्तर पर चिकित्सा सहायता भेजने की उम्मीद जताते हुए कहा कि भारत ने हमेशा मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी है और संकट की घड़ी में कई देशों की मदद की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी पहल के माध्यम से गाजा के लिए दवाइयां, चिकित्सा उपकरण, सर्जिकल सामग्री और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उनका कहना था कि यदि कोई देश इस कठिन समय में प्रभावी मानवीय सहयोग दे सकता है तो भारत उनमें प्रमुख है।

उन्होंने बताया कि गाजा में जीवनरक्षक दवाइयों, एंटीबायोटिक, एनेस्थीसिया, इंसुलिन, डायलिसिस सामग्री, रक्त की इकाइयों, सर्जिकल उपकरणों और अस्पतालों के संचालन के लिए आवश्यक ईंधन की गंभीर कमी बनी हुई है। फलस्तीनी दूतावास के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से सामान्य करने और आपात चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य की चिकित्सा सामग्री की आवश्यकता है। इसके अलावा, हजारों गंभीर मरीजों को विशेष उपचार के लिए गाजा से बाहर भेजने की जरूरत है, लेकिन मौजूदा हालात और सीमित आवाजाही के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।

राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि केवल चिकित्सा सहायता ही नहीं, बल्कि सुरक्षित मानवीय गलियारों और राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि साफ पानी की कमी, खराब स्वच्छता व्यवस्था, विस्थापित लोगों की बढ़ती संख्या और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है।

भारत ने अतीत में भी फलस्तीन को मानवीय सहायता और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई है। इसी पृष्ठभूमि में फलस्तीनी पक्ष को उम्मीद है कि भारत एक बार फिर गाजा के लोगों की सहायता के लिए आगे आएगा और आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराएगा। हालांकि, इस संबंध में भारत सरकार की ओर से अभी तक किसी नई सहायता या विशेष चिकित्सा पैकेज की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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