सीमा पर मजबूत सड़कें होंगी तो मजबूत होगी सुरक्षा, राजनाथ सिंह का संदेश

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आधुनिक युद्धों का स्वरूप भले ही तेजी से बदल रहा हो और उसमें ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर तकनीक तथा अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग बढ़ गया हो, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने वाली सड़कें, पुल, सुरंगें और अन्य रणनीतिक अवसंरचना आज भी किसी भी सैन्य अभियान की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि कई बार युद्ध का पहला मोर्चा सीमा पर नहीं, बल्कि उस सड़क से शुरू होता है जो सैनिकों, हथियारों और आवश्यक सैन्य रसद को समय पर अग्रिम चौकियों तक पहुंचाती है। इसलिए सीमा क्षेत्रों में मजबूत और विश्वसनीय अवसंरचना का निर्माण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सीमा सड़क संगठन (BRO) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले छह दशकों में BRO ने केवल सड़क निर्माण एजेंसी के रूप में नहीं, बल्कि देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करने वाले प्रमुख संगठन के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कठिन पर्वतीय इलाकों, ऊंचे दर्रों और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में संगठन द्वारा किए गए कार्य भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर संपर्क व्यवस्था सेना की त्वरित तैनाती, हथियारों की आपूर्ति और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करती है।

राजनाथ सिंह ने अटल सुरंग, सेला सुरंग और उमलिंग ला जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि भारत की सामरिक शक्ति, आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता के प्रतीक हैं। इन परियोजनाओं ने जहां सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत किया है, वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए भी परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास और उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

रक्षा मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए BRO से आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान, नवाचार और उन्नत निर्माण पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में रणनीतिक अवसंरचना का महत्व लगातार बढ़ेगा और संगठन को गुणवत्ता तथा गति दोनों पर समान रूप से ध्यान देना होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने BRO की उपलब्धियों और तकनीकी नवाचारों पर आधारित तीन विशेष प्रकाशनों का विमोचन भी किया तथा संगठन के अधिकारियों और कर्मचारियों की कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि BRO भविष्य में भी देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित तथा मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

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