खरगे का केंद्र पर निशाना: ‘भारत लोकतंत्र की जननी है, बच्चों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए’

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नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार और पुलिस कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। खरगे ने कहा कि भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ कहा जाता है, लेकिन लोकतंत्र की जननी अपने ही बच्चों पर लाठी नहीं चलाती। उनके इस बयान के जरिए विपक्ष ने छात्रों के प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके पर गंभीर आपत्ति जताई।

NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों के समाधान की मांग कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों के संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

INDIA ब्लॉक की बैठक में खरगे ने कहा कि छात्रों की शिकायतों और उनके भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। यदि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ी होती है, तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया है।

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर एकत्र छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों से संवाद किया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने संसद में चर्चा की मांग की है और सरकार से जवाब मांगा है।

INDIA ब्लॉक के नेताओं का आरोप है कि NEET विवाद को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच पहले से ही असंतोष और चिंता का माहौल है। ऐसे समय में पुलिस कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस समेत विपक्ष के कई नेताओं ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

दूसरी ओर, सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों के साथ सरकार के खड़े होने की बात कही और पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा देने का संदेश दिया। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

NEET विवाद अब परीक्षा में कथित अनियमितताओं से आगे बढ़कर सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है। एक ओर विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दे रही है। संसद के मानसून सत्र में NEET विवाद, छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और परीक्षा सुधार के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का समाधान किस तरह सामने आता है।

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