परीक्षा प्रणाली की बड़ी चुनौती: NTA अब भी निजी संस्थानों के भरोसे

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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) देश की प्रमुख प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था है, लेकिन स्थापना के कई वर्ष बाद भी इसके पास अपना एक भी स्थायी परीक्षा केंद्र नहीं है। एजेंसी आज भी देशभर में परीक्षाएं आयोजित करने के लिए निजी शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य संगठनों के कंप्यूटर लैब एवं परीक्षा केंद्र किराये पर लेने की व्यवस्था पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब करोड़ों अभ्यर्थियों की परीक्षाएं एक ही संस्था के माध्यम से आयोजित की जा रही हैं, तब स्थायी परीक्षा केंद्रों का अभाव व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। समय-समय पर विभिन्न परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों की गुणवत्ता, तकनीकी सुविधाओं और अभ्यर्थियों को दूर-दराज के शहरों में केंद्र आवंटित किए जाने जैसे मुद्दे भी सामने आते रहे हैं।

एनटीए का गठन देश में प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से किया गया था। वर्तमान में एजेंसी जेईई (मेन), नीट-यूजी, सीयूईटी, यूजीसी-नेट सहित कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करती है, जिनमें हर वर्ष करोड़ों छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षाओं के संचालन के बावजूद एजेंसी के पास अपना स्थायी परीक्षा केंद्र नेटवर्क नहीं होने के कारण उसे प्रत्येक परीक्षा के लिए उपलब्ध संस्थानों और निजी केंद्रों की क्षमता पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे कई बार परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, तकनीकी संसाधनों और अन्य व्यवस्थाओं में असमानता देखने को मिलती है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एनटीए के अपने आधुनिक और मानकीकृत परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएं तो परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकती है। इससे सभी केंद्रों पर समान तकनीकी सुविधाएं, बेहतर निगरानी व्यवस्था और अभ्यर्थियों के लिए एक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आसान होगा। इसके अलावा, उम्मीदवारों को उनके गृह जिले या नजदीकी शहर में परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना भी बढ़ेगी, जिससे यात्रा और अन्य परेशानियां कम होंगी।

बढ़ती परीक्षाओं और अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि अब स्थायी परीक्षा केंद्रों के निर्माण की दिशा में तेजी से कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि आधुनिक परीक्षा अवसंरचना न केवल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य में किसी भी बड़े परीक्षा आयोजन को अधिक सुचारु और सुरक्षित ढंग से संचालित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऐसे में एनटीए के लिए अपने स्वयं के परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क विकसित करना केवल एक प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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