ईरान से भारतीयों की वतन वापसी: ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू

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भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा 18 जून 2025 को शुरू की गई ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत ईरान में फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित कर, अपने-अपने देश वापसी का रास्ता आसान बनाया जा रहा है। पहले चरण में 110 भारतीय छात्रों को ईरान से आर्मेनिया भेजा गया है, जहां से वे 19 जून की देर रात दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
13 जून से इज़राइल ने ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए थे, इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए । राजधानी तेहरान और क़ोम जैसे बड़े शहरों में लगातार धमाके, हवाई दौड़ों की आवाज़ें और सायरन के बीच भारतीय छात्रों में दहशत फैल गई है । कई छात्रों ने बताया कि ‘जैसे हमारी बिल्डिंग के ठीक ऊपर से मिसाइल गुज़री’, और ‘रात में हम सायरन की आवाज़ से जाग उठे’ ।
भारतीय दूतावास ने शुरुआती चरण में 600 छात्रों को ऐसे इलाकों (तेहरान से क़ोम तक) में ले जाकर सुरक्षित आश्रयों में रखा ।
यात्रियों को बसों से क़ोम, मशहद और अन्य सुरक्षित जगहों तक ले जाया गया, साथ ही उन्हें खाना, पानी और आश्रय उपलब्ध कराए गए ।
अब तक 110 छात्रों को आर्मेनिया भेजा गया है, वहीं कई और देश (जैसे कि कश्मीर व पढ़ने वाले छात्र) अपनी वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।
‘ऑपरेशन सिंधु’, 18 जून से सक्रिय, पहले चरण में सफल रहा: 110 भारतीयों को ईरान से सुरक्षित निकाला गया।
ईरान-इज़राइल संघर्ष की तीव्रता में भारतीय छात्रों की हालत भयावह हो गई, कई ने हादसे दिखाए, घायल भी हुए।
MEA लगातार राहत प्रयासों में जुड़ा हुआ—स्थानीय सहायता, बसों, आश्रयों और जरूरी सुविधाओं से लैस। देश और विदेश मंत्रालय अब और भारतीयों की वापसी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में जुट गया है। स्थिति सुधारते ही जल्द और उड़ानें चलने की संभावना है।

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