रक्षा मंत्री ने दी वित्तीय पारदर्शिता को गति देने की दिशा में नए विजन की रूपरेखा

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नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘नियंत्रक सम्मेलन 2025’ का भव्य उद्घाटन किया। तीन दिवसीय यह सम्मेलन देश की रक्षा वित्त प्रणाली को आधुनिक और रणनीतिक दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उद्घाटन सत्र में रक्षा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और प्रमुख वित्तीय सलाहकार मौजूद रहे।रक्षा लेखा विभाग (DAD) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है –
“रक्षा वित्त और अर्थव्यवस्था के माध्यम से वित्तीय सलाह, भुगतान, ऑडिट और लेखांकन को ट्रांसफॉर्म करना”।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ना है और इसके लिए पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावशाली वित्तीय व्यवस्था जरूरी है।

सम्मेलन के दौरान कुल 8 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चर्चा के प्रमुख विषय होंगे:

  • बजट और व्यय में सुधार

  • आंतरिक ऑडिट प्रणाली का पुनर्गठन

  • रक्षा पेंशन प्रणाली को डिजिटल बनाना

  • मूल्य निर्धारण और वित्तीय रणनीति में नवाचार

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की प्रभावशीलता

    डिजिटल बदलाव की झलक

    सम्मेलन में रक्षा लेखा विभाग की कई नई डिजिटल पहलों का प्रदर्शन भी किया गया, जिनमें प्रमुख हैं:

    • SPARSH: रक्षा पेंशन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म

    • SAMPURNA: AI आधारित खरीद और भुगतान प्रणाली।

    • e‑Raksha Awaas: किराया वसूली और संपत्ति प्रबंधन।

    • Defence Travel System: सैनिकों और अधिकारियों की यात्रा के लिए डिजिटल समाधान।

    • राजनाथ सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा:

      “रक्षा लेखा विभाग केवल खाता-बही रखने वाली संस्था नहीं रहनी चाहिए। इसे भविष्य की जरूरतों को समझने वाली, रणनीतिक सोच वाली और डिजिटल रूप से सशक्त संस्था में बदलने का समय आ गया है।”

      उन्होंने यह भी कहा कि DAD को ‘सतर्क, सक्रिय और अनुकूली’ बनाकर रक्षा क्षेत्र की वित्तीय रीढ़ मजबूत की जा सकती है।

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