22 घंटे का अंतरिक्ष सफर… 288 बार पृथ्वी की परिक्रमा… और अब वो ऐतिहासिक घड़ी जब भारत के बेटे शुभांशु शर्मा की घर वापसी हो रही है। Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से रवाना हुए शुभांशु आज धरती पर उतरेंगे।
Axiom-4 मिशन की ऐतिहासिक उड़ान आज अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच रही है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती की ओर वापसी का 22 घंटे लंबा सफर पूरा कर लिया है। अनुमान है कि आज शाम वे सुरक्षित धरती पर लैंड करेंगे।
इस मिशन के दौरान शुभांशु और उनके दल ने पृथ्वी की 288 बार परिक्रमा की, और कई वैज्ञानिक प्रयोगों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। निजी स्पेस कंपनी Axiom Space और नासा की संयुक्त परियोजना में यह चौथा मिशन था, जिसमें शुभांशु ने भारत की ओर से भाग लेकर इतिहास रच दिया।
Axiom-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य था — माइक्रोग्रैविटी में बायोमेडिकल और टेक्नोलॉजिकल प्रयोग करना, जिसका लाभ आने वाले समय में पृथ्वी पर चिकित्सा और नवाचार क्षेत्र में देखने को मिलेगा।
भारत में शुभांशु की वापसी को लेकर जश्न का माहौल है। परिवार, वैज्ञानिक समुदाय और देशभर के लोग उनकी ‘शुभ वापसी’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
भारत का नाम अंतरिक्ष में एक बार फिर ऊंचा हुआ है। शुभांशु शर्मा जैसे युवा वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों की वजह से ‘नया भारत’ अब सिर्फ धरती पर नहीं, अंतरिक्ष में भी चमक रहा है।




