पटना/नई दिल्ली:
बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस बार मामला जुड़ा है नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए नए आरोप से। भाजपा का दावा है कि तेजस्वी यादव के नाम पर दो अलग-अलग EPIC (Electors Photo Identity Card) नंबर दर्ज हैं — जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है कि तेजस्वी यादव दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं — एक पटना (बिहार) में और दूसरा नई दिल्ली में। पत्र के अनुसार, दोनों पंजीकरणों के लिए अलग-अलग EPIC नंबर जारी किए गए हैं।
भाजपा का आरोप:
नंदकिशोर यादव ने कहा:
“अगर कोई व्यक्ति दो जगहों पर एक साथ वोटर के रूप में पंजीकृत है, तो यह Representation of the People Act, 1950 का सीधा उल्लंघन है। यह न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ भी खिलवाड़ है। चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
RJD की प्रतिक्रिया:
इस मुद्दे पर अभी तक तेजस्वी यादव या आरजेडी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि पार्टी के एक करीबी सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि “यह भाजपा की घबराहट है, जो अब व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है।”
आपको बता दें कि भारत के चुनाव कानूनों के तहत कोई भी व्यक्ति एक ही समय में दो स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें मतदाता सूची से नाम हटाना और जुर्माना तक शामिल हो सकता है।
वहीं चुनाव आयोग ने शिकायत को दर्ज कर लिया है और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




