आज प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात को देशभर में बड़े उत्साह से सुना गया। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने अपने पूरे स्टाफ के साथ कार्यक्रम को ध्यान से सुना।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हाल ही में आई बाढ़ और बारिश की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन एजेंसियां NDRF व SDRF नई तकनीक का उपयोग कर राहत कार्यों को और प्रभावी बना रही हैं। उन्होंने लोगों से इस कठिन समय में एकजुट होकर मदद करने की अपील भी की।
खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने पुलवामा में आयोजित डे-नाइट क्रिकेट मैच और श्रीनगर की डल झील पर हुए स्पोर्ट्स इवेंट को नई शुरुआत का प्रतीक बताया। मध्य प्रदेश ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं हरियाणा और ओडिशा ने भी शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ी रश्मिता से अपनी बातचीत साझा की और बताया कि उन्होंने 200 और 500 मीटर कैनोइंग प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल कर प्रेरक मिसाल पेश की।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ी मोहसिन से उनकी उपलब्धि पर बात कर कहा कि आपने Khelo India Water Sports Festival में पहला गोल्ड मेडल जीता, इसके लिए बधाई और उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी l
शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने प्रतिभा सेतु पोर्टल का उल्लेख किया। UPSC के टॉपर्स के अनुभव को अपने सुना होगा, यह जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्लेटफ़ॉर्म पर 10 हजार से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं का डेटा उपलब्ध है, जिससे निजी संस्थानों को योग्य उम्मीदवारों को अवसर देने में मदद मिल रही है। मोदी ने कहा कि UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले, लेकिन सूची में स्थान न बना पाने वाले उम्मीदवार भी अब इस पहल से लाभान्वित हो रहे हैं।
अपने पॉडकास्ट का अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि शहडोल (मध्य प्रदेश) के फुटबॉल खिलाड़ियों की जानकारी जर्मनी के एक कोच तक पहुंची, जिसके बाद कई युवा खिलाड़ियों को जर्मनी में ट्रेनिंग का अवसर मिला। इस पहल में मध्य प्रदेश सरकार भी सक्रिय सहयोग कर रही है।
मोदी ने सूरत के सिक्योरिटी गार्ड जितेंद्र सिंह राठौड़ का भी जिक्र किया, जिन्होंने हजारों शहीदों की तस्वीरें और 2500 से अधिक शहीदों के माता-पिता की घर की मिट्टी को सहेज कर रखा है। उन्होंने इसे हर देशभक्त के लिए प्रेरणादायक बताया।
साथ ही, प्रधानमंत्री ने मुज़फ्फरपुर के रतनपुरा गांव की रहने वाली देवकी जी का जिक्र किया, जिन्हें लोग अब प्यार से “सोलर दीदी” कहते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और किसानों में सौर ऊर्जा अपनाने से आत्मनिर्भरता बढ़ रही है और ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री के संबोधन में देशभक्ति, खेल भावना, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के गौरव का संदेश झलकता रहा।
Reported by:- निखिल रस्तोगी




