भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन को देश के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। समारोह में राष्ट्रीय महत्व की शख्सियतों की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया।
शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जिन्होंने हाल ही में पद छोड़ा था, भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि भी शपथ समारोह का हिस्सा बने।
राधाकृष्णन ने हाल ही में उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को पराजित कर जीत दर्ज की थी। 9 सितंबर को आए चुनाव नतीजों में उन्हें लगभग 452 वोट मिले और वे करीब 152 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए। जीत के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया, ताकि नई संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल सकें।
राजनीतिक जीवन की बात करें तो सी.पी. राधाकृष्णन लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। वे दो बार कोयम्बत्तूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और संगठन में एक सक्रिय चेहरा माने जाते हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने राज्यपाल के रूप में प्रशासनिक अनुभव भी हासिल किया। उनकी कार्यशैली विनम्र और सुलभ मानी जाती है।
उपराष्ट्रपति पद संभालने के साथ ही अब राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति भी बन गए हैं। संसदीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने की अहम जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका अनुभव और शांत स्वभाव आने वाले समय में संसद के संचालन को सहज बनाने में मददगार साबित होगा।
राष्ट्रपति भवन में हुए इस समारोह को भारतीय लोकतंत्र के सहज और गरिमामय हस्तांतरण का प्रतीक माना जा रहा है। नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उम्मीद जताई कि वे अपने नए पद पर संवैधानिक मर्यादाओं के साथ देश की सेवा करेंगे।




