बिहार के छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महत्वाकांक्षी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (SCC) योजना में बड़ा बदलाव करते हुए यह स्पष्ट किया कि अब इस योजना के तहत मिलने वाला शिक्षा ऋण पूरी तरह से ब्याज-रहित होगा। इससे उन लाखों विद्यार्थियों को सहूलियत मिलेगी, जो 12वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस योजना का लाभ उठाते हैं।
ब्याज पर पूरी छूट
अब तक इस योजना के तहत लिए जाने वाले ऋण पर सामान्य छात्रों से लगभग 4 प्रतिशत और महिलाओं, दिव्यांगों व ट्रांसजेंडर छात्रों से 1 प्रतिशत ब्याज लिया जाता था। नई घोषणा के बाद सभी वर्गों के छात्रों के लिए यह ऋण शून्य ब्याज दर पर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम छात्रों और उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करेगा और शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाएगा।
किस्त अवधि भी बढ़ी
सरकार ने किस्त भुगतान की अवधि में भी ढील दी है। अब छात्रों को ऋण चुकाने के लिए पहले की तुलना में अधिक समय मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, किस्तों की संख्या 70 से बढ़ाकर 120 कर दी गई है, यानी छात्र अब लगभग 10 साल तक आसान किस्तों में लोन चुका सकेंगे। वहीं कुछ स्रोत यह भी बता रहे हैं कि किस्त चुकाने की कुल अवधि 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी गई है। हालांकि इस बारे में अंतिम स्पष्टता सरकारी अधिसूचना से होगी।
योजना की पृष्ठभूमि
बिहार सरकार ने वर्ष 2016 में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य था कि कोई भी छात्र-छात्रा आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। योजना के तहत 12वीं उत्तीर्ण छात्रों को अधिकतम ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। इस राशि का उपयोग छात्र तकनीकी, व्यावसायिक, स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई में कर सकते हैं। अब इस ऋण पर ब्याज पूरी तरह समाप्त कर दिए जाने से यह योजना और अधिक आकर्षक व छात्र हितैषी हो गई है।
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
नए बदलावों का सीधा असर राज्यभर के लाखों छात्रों पर पड़ेगा। अब न केवल उन्हें पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि ऋण चुकाने की चिंता भी पहले से काफी कम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज-रहित ऋण से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा में आसानी से प्रवेश ले सकेंगे।
आगे क्या?
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब शिक्षा विभाग और बैंकों की ओर से आधिकारिक अधिसूचना और परिपत्र जारी किया जाएगा। इसमें यह साफ किया जाएगा कि नई ब्याज-माफी व्यवस्था किस तारीख से लागू होगी और ऋण अदायगी की अवधि के अंतिम प्रावधान क्या होंगे।




