प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितम्बर) के अवसर पर आज से पूरे देश में सेवा पखवाड़ा की शुरुआत हो गई है। यह विशेष अभियान आगामी 15 दिनों तक चलेगा, जिसमें समाजहित और जनसेवा से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली सहित कई राज्यों में इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की गई हैं।
दिल्ली में इस सेवा पखवाड़े की शुरुआत राजधानी के कर्तव्य पथ से हुई, जहाँ Sewa Sankalp Walk का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और आम नागरिक शामिल हुए। इसके साथ ही रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है, जिससे राजधानी में रक्त की आपूर्ति को बढ़ावा देने और ज़रूरतमंद मरीजों की मदद की जा सके।
राजधानी में आयोजित इस पखवाड़े का एक महत्वपूर्ण आकर्षण विकसित भारत के रंग कार्यक्रम है, जिसे नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने आयोजित किया है। इस अवसर पर 10 किलोमीटर लंबी सामूहिक कैनवस पेंटिंग बनाई जा रही है, जिसमें सैकड़ों कलाकार और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य कला के माध्यम से समाज में सेवा और एकता का संदेश देना है।
इसके अतिरिक्त दिल्ली में केंद्र की विभिन्न विकास योजनाओं और पहलों को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। यहां नागरिकों को सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली में करीब 75 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और उद्घाटन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की भी उपस्थिति रहने की संभावना है।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश से महिलाओं और बच्चों के पोषण से जुड़े एक बड़े अभियान का शुभारंभ कर रहे हैं। इस पहल के अंतर्गत देशभर में स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण से संबंधित गतिविधियाँ और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
दिल्ली में शिक्षा विभाग ने भी इस सेवा पखवाड़े को खास बनाने के लिए अपने स्तर पर तैयारी की है। स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा विशेष संदेश और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
सेवा पखवाड़े का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को केवल एक उत्सव के रूप में नहीं बल्कि जनसेवा और समाजहित के कार्यों के माध्यम से मनाना है। रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, पोषण अभियान, कला गतिविधियाँ और विकास योजनाओं के उद्घाटन जैसे कार्यक्रमों के जरिए सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सीधे तौर पर जोड़ना और समाज में सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना है।




