नई दिल्ली, 24 सितंबर 2025: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आज पटना में आयोजित हुई, जिसका ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार बिहार में आयोजित की गई है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के वोटों को जानबूझकर हटाया जा रहा है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि अगर 70 करोड़ मतदाताओं में से एक करोड़ के नाम बिना किसी ठोस कारण हटाए जा रहे हैं, तो यह लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और लोकतंत्र की रक्षा में विफल हो रहा है।
बैठक में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई गई। खड़गे ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और शकील अहमद खान सहित अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उन राज्यों में विशेष समितियां गठित की जाएंगी, जहां 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा। इन समितियों का उद्देश्य चुनावी परिणामों का विश्लेषण करना और आगामी चुनावों के लिए रणनीतियों को तैयार करना होगा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हों और गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी का मुख्य उद्देश्य संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है।
इस बैठक ने न केवल बिहार विधानसभा चुनाव की दिशा तय की बल्कि यह संकेत भी दिया कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।




