अफगानिस्तान ने किया भारत के प्रति मित्रवत रुख स्पष्ट, ज़मीन का उपयोग किसी के खिलाफ नहीं होने देगा

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अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान अपनी ज़मीन का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने देगा। उन्होंने भारत को अफगानिस्तान का “करीबी मित्र” बताया और कहा कि दोनों देशों के संबंध हमेशा मजबूत और सकारात्मक रहे हैं। विदेश मंत्री मुत्ताकी ने भारत द्वारा हाल ही में हेरात प्रांत में आए भूकंप के बाद की गई त्वरित मानवीय सहायता की सराहना भी की और कहा कि भारत ने इस संकट में सबसे पहले मानवीय प्रयासों के साथ प्रतिक्रिया दी।

इस बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। भारत ने अफगानिस्तान के विकास में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह मुलाकात अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की भारत की पहली यात्रा थी, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा यात्रा प्रतिबंध में छूट मिलने के बाद संभव हो पाई। इससे पहले, मुत्ताकी रूस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में भी भाग ले चुके थे, जिसमें क्षेत्रीय शक्तियों ने अफगानिस्तान की स्थिति पर विचार किया।

भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। 2011 में दोनों देशों ने एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य सुरक्षा, व्यापार और विकास के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना था। अफगानिस्तान का यह रुख न केवल भारत के प्रति मित्रवत और सहयोगात्मक संबंधों को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थिर द्विपक्षीय संबंधों की संभावना को भी उजागर करता है।

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