आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह फैसला उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, उनकी नीतियों और देश के विकास के विजन पर भरोसा जताते हुए लिया है। स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह लंबे समय से आम आदमी पार्टी के भीतर हो रहे बदलावों से असहज थीं और उन्हें लगने लगा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी को उन्होंने वर्षों तक समर्पण के साथ मजबूत किया, वही अब भ्रष्टाचार, अहंकार और महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैये का प्रतीक बन गई है।
स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी में महिलाओं की आवाज को दबाया जा रहा है और जब उन्होंने गलत के खिलाफ आवाज उठाई तो उन्हें अपमान, धमकियों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने उनके साथ हुए दुर्व्यवहार पर न्याय दिलाने के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया। मालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका मानना है कि राष्ट्रहित और जनसेवा की राजनीति के लिए भाजपा सबसे उपयुक्त मंच है।
स्वाति मालीवाल का भाजपा में शामिल होना आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वह लंबे समय तक दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं और महिला अधिकारों की मुखर आवाज के रूप में पहचान बनाई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनका यह कदम न केवल दिल्ली की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को भी उजागर करता है। आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति और विशेष रूप से दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों पर साफ दिखाई दे सकता है।



