वॉशिंगटन: अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुक्रवार (10 अक्टूबर 2025) को संघीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कई सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस के बजट कार्यालय (OMB) की ओर से जारी बयान में पुष्टि की गई कि कई विभागों में कर्मचारियों को “रिडक्शन इन फोर्स” (RIF) नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिसके तहत 60 दिनों के भीतर हजारों कर्मचारियों को सेवा से हटाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, यह बर्खास्तगी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS), ट्रेजरी विभाग, शिक्षा मंत्रालय और होमलैंड सिक्योरिटी के साइबर यूनिट जैसे प्रमुख विभागों में की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक लगभग 4,000 से 4,200 संघीय कर्मचारियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जबकि कुछ सूत्रों का दावा है कि यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। सामान्यतः शटडाउन के दौरान कर्मचारियों को “फर्लो” पर भेजा जाता है, यानी उन्हें अस्थायी रूप से अवकाश पर रखकर बाद में वेतन सहित बहाल किया जाता है। लेकिन इस बार प्रशासन का कदम इससे अलग है — अब कर्मचारियों को स्थायी रूप से नौकरी से हटाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है, जो एक बड़ा और विवादित निर्णय माना जा रहा है।
इस निर्णय ने संघीय कर्मचारियों और यूनियनों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रमुख कर्मचारी संगठन American Federation of Government Employees (AFGE) ने इस कार्रवाई को “कानून और प्रक्रिया का उल्लंघन” बताया है। यूनियन ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए दलील दी है कि शटडाउन के दौरान स्थायी रूप से कर्मचारियों को निकालना गैरकानूनी है और यह संघीय सेवा की स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार का यह कदम केवल राजनीतिक दबाव बनाने का तरीका है, जो सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों के मनोबल को नुकसान पहुंचाएगा।
वहीं, व्हाइट हाउस का कहना है कि यह निर्णय सरकार के आकार को घटाने और दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। OMB डायरेक्टर रसेल वोएट ने सोशल मीडिया पर कहा कि “RIFs शुरू हो गई हैं” और यह कदम प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बेवजह के खर्च को कम करने और करदाताओं के पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह कदम शटडाउन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश है, जिससे सरकारी सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित होंगी।
कई विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह फैसला कानूनी विवादों में उलझ सकता है। अमेरिकी कानून के तहत “रिडक्शन इन फोर्स” की प्रक्रिया एक नियामक ढांचे में होती है, जिसमें उचित नोटिस, पारदर्शिता और वैकल्पिक पदों की पेशकश जरूरी होती है। लेकिन शटडाउन के बीच इस तरह की कार्रवाई से सरकार पर यह आरोप लग सकता है कि वह संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन कर रही है।
सरकारी सेवाओं पर इस कदम का तात्कालिक असर भी देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य, कर, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई विभागों में कामकाज बाधित हो गया है। IRS (इनकम टैक्स एजेंसी) में कर वापसी और सहायता सेवाएँ धीमी पड़ गई हैं, वहीं HHS में चल रहे कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों में देरी हो रही है। होमलैंड सिक्योरिटी के साइबर विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण डिजिटल सुरक्षा पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
शटडाउन के कारण पहले से ही लाखों कर्मचारी या तो फर्लो पर हैं या बिना वेतन के काम कर रहे हैं। अब इन बर्खास्तियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। प्रशासन और कांग्रेस के बीच बजट और नीति संबंधी टकराव की वजह से समाधान फिलहाल दूर नज़र आ रहा है। डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से “संवेदनशील एजेंसियों” में छंटनी रोकने की मांग की है, जबकि रिपब्लिकन खेमे के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी इसे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है।
अगर शटडाउन लंबे समय तक जारी रहा, तो इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभाव गहरे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा सकती है। कर रिफंड, स्वास्थ्य योजनाएँ, शिक्षा सहायता और सुरक्षा सेवाओं जैसी कई सार्वजनिक सुविधाएँ बाधित हो सकती हैं। इसके अलावा, अदालतों में दाखिल मुकदमों और श्रम विवादों के चलते आने वाले महीनों में कानूनी लड़ाई और तेज़ हो सकती है।
इस प्रकार, अमेरिका का यह शटडाउन केवल एक अस्थायी प्रशासनिक रुकावट नहीं रहा, बल्कि अब यह शासन प्रणाली और संघीय ढांचे के भीतर गहराते राजनीतिक संकट का प्रतीक बन गया है। ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई सरकार और कर्मचारियों के बीच संबंधों में स्थायी दरार छोड़ सकती है। यदि आने वाले दिनों में समाधान नहीं निकला, तो यह संकट अमेरिकी अर्थव्यवस्था और प्रशासन दोनों के लिए ऐतिहासिक चुनौती साबित हो सकता है।




