कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद 12 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली पहुंचीं, जहाँ उन्होंने भारत के उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसमें उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, ऊर्जा परिवर्तन और सुरक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अनीता आनंद की इस यात्रा का विशेष महत्व इस दृष्टि से भी है कि 2023 में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय मुलाकात है। जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई वार्ता के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान अनीता आनंद ने भारत में कनाडाई और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिनका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन के अवसर बढ़ाना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस यात्रा से न केवल व्यापारिक बल्कि कूटनीतिक संबंधों में भी सुधार की संभावना है। दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति की है, जो विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत देता है। इस कदम से भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अंततः अनीता आनंद की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार और साझा हितों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे भविष्य में व्यापार और कूटनीति दोनों क्षेत्रों में स्थिर और लाभकारी संबंधों की उम्मीद बढ़ती है।




