यूरोपीय संघ (EU) में हाल ही में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका से आग्रह किया कि रूस के तेल क्षेत्र पर केवल दो कंपनियों, Rosneft और Lukoil तक सीमित प्रतिबंध लगाने के बजाय इसे सम्पूर्ण रूसी तेल उद्योग तक बढ़ाया जाए। उनका तर्क था कि ऐसा करने से रूस की युद्ध मशीनरी को वित्तीय रूप से कमजोर किया जा सकेगा। इसके साथ ही जेलेंस्की ने लंबी दूरी की मिसाइलों, विशेष रूप से Tomahawk क्रूज मिसाइलों की आपूर्ति की भी मांग की, ताकि रूस के आक्रमणों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से कहा कि रूस की आक्रामकता को रोकने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है और यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस मांग के जवाब में रूस ने चेतावनी जारी की कि यदि यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दी जाती हैं, तो वह “बहुत गंभीर” प्रतिक्रिया देगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि ऐसे कदम युद्ध को और बढ़ा सकते हैं।
यूक्रेन की स्थिति में सुधार के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुटता और ठोस निर्णयों की आवश्यकता है। आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाकर रूस को रोकने के प्रयास युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। जेलेंस्की की यह अपील वैश्विक स्तर पर रूस के खिलाफ कड़े उपायों और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देती है।




